आप सभी लोगों को मेरा सादर नमस्कार. आज मै अपने जीवन का २० वॉ वर्ष पुर्ण करके २१ वें वर्ष मे प्रवेश कर रहा हूँ. आज मैं आप लोगों से कुछ माँगना चाहता हूँ, मुझे मालुम है आप जरुर देंगे-
आज माँगना चाहता हूँ कुछ आपसे,
मन की एक आश लगी है आपसे,
ना देना मुझे आशीष धन-दौलत का,
मै चाहता हूँ इंसाफ की डगर पे चलने का वरदान आपसे,
ना किसी से इर्ष्या हो मन में, ना किसी से द्वेश हो मन में,
हिंदी और देश की सेवा में गुजर जाये ये जीवन,
ऐसा अभय वरदान चाहता हूँ आपसे,
आज माँगना चाहता हूँ कुछ आपसे.
आपका-
आशीष








