रविवार, 1 अगस्त 2010

एक आश- तुम्हारी दोस्ती का

                                       HAPPY FRIENDSHIP DAY
आप सभी लोगों को मेरा नमस्कार आज एक ऐसा दिवस है जो जिसका इंतजार सभी दोस्तों को रहता जिसे आंग्ल भाषा मे कहा जाता है- freindship day. लेकिन आज के समय मे दोस्ती शब्द कई लोगों के लिये या तो टाइमपास है या फिर अपना स्वार्थ पुरा करने के लिये दूसरो का उपयोग करना. आज के दोस्त कहने को तो कह देते है "यार हम तो तेरे लिये जान भी दे सकते है" लेकिन जब उससे एक छोटी सी मदद मांगो तो कहता है "अरे यार! कसम से मै तेरा काम कर देता पर मै आज बहोत बिजी हूँ." आज जरुरत इस बात की है कि हम दोस्ती के पवित्र रिश्ते को समझे, दोस्ती में सिर्फ कस्में नही खाये जाते बल्की जीवन के हर मोड़ पर दोस्त के सुख-दुख मे साथ निभाना पड़ता है. 

       वैसे हो सकता है मै दोस्ती को अच्छी तरह से परिभाषित ना कर सकूँ. एक लेकिन दोस्ती को परिभाषित करते हुए मै इतना ही कहना चाहुँगा कि 
"दोस्ती विश्वास और स्नेह से बना एक ऐसा प्यारा बंधन है जो कभी नही टूटती है".
Happy Friendship Day



अब मै अपनी कुछ पंक्तियों को यहाँ आकार देना चाहूँगा-
      ’एक आश’ - a hope never end    

जीवन के सफर में चल रहे थे
अन्जानों के बीच से गुजर रहे थे

दूर तलक ना दिखता कोई अपना
ये तो बन गया जैसे कोई सपना

राह की बहार लगती थी पराई
साथ मे थी तो सिर्फ मेरी तन्हाई
पत्थर से दिल तोड़ने वालो की ना थी कमी
किसी को कहाँ दिखती मेरी आँखों की नमी

हम तो बस चलते ही जा रहे थे
राहों मे पड़े कांटे स्वागत कर रहे थे

आँखों मे गहरा समंदर था
पवों मे बस छाले ही छाले
धुप भरी जिंदगी थी हमारी
छांव ने भी किये थे किनारे

पर आखिर क्या करे हम
हमें तो आखिर चलना ही था



अचानक राह में एक मोड़ अनोखा आया
हमे दिखे चार प्यारे अजनबी अंजाने

चारो को देखकर राहत की साँस  पायी
जन्मों पुरानी दोस्ती शायद यहीं पायी

मिले थे चारो तो अजनबी की तरह
पर ना जाने कब हो गये दिल के अपने

पाँच दोस्तों का मिलन हुआ इस राह पर
चल पड़े राह में साथ दोस्ती निभानें

जरा वक्त की नजाकत तो देख
रुठी हुई किस्मत मेरे सामने आयी

जिस राह पर चल रहे थे हम
उस पर हरियाली ही हरियाली छायी

राह में खिल गये थे फूल सुहाने
बेवक्त बसंत आ गयी हमारे सामने


पाँचो दोस्तो की दोस्ती देख वक्त भी लगा मुस्कुराने
जिंदगी के गम आपस मे लगे थे बाटने


दर्द जिंदगी के लगे थे हम भुलाने
एक दुसरे की खुशी ही थी अपनी
वक्त भी लगा था मरहम लगाने 

अब इस राह पर चलना लग रहा था सपना
जन्मों जन्म के बाद जैसे मिला हमे कोई अपना


करने लगे थे वादे,खाने लगे थे कसमे
खुद की जां से भी ज्यादा प्यारे हो गये ये अपने

दोस्तों ने ही पहचान करायी दोस्ती से
हमें मिलवाया जिंदगी की खुशियों से


दोस्ती की ताकत ने असर अपना दिखाया
जिन शब्दो को हम केवल सोचते थे
उसे स्याही की धार से बहाया
कोरे कागज को हमने शब्दों से सजाया

पर समय का पहिया फिर से घुमा
आये ऐसे स्थान पर जहाँ पाँच राह थे

वक्त आ गया था सबसे जुदा होकर जाने का
इस रिश्ते को सहेजकर नया रिश्ता निभाना था


पाँचों की अलग-अलग मंजिले इंतजार कर रही थी
हर आँखे आगे ना जाने का इजहार कर रही थी

पर वक्त के आगे तो झुकना पड़ता है
मजबुरन इक राह को चुनना पड़ता है

पॉव तो आगे बढ़ ही ना राहे थे
पर बेरहम वक्त उसे धकेल रहे थे

उकेर रहे थे दोस्ती के लम्हों को दिल मे
एक आश बना रहे थे अपने दिल मे
मेरा दिल कह रहा था बार-बार
ऐसे दोस्त नहीं मिलते आशीष हर बार

रोक ले इन्हे ना हो जाये कहीं देरी
मौका ऐसा ना फिर आयेगा कभी

आँसुओं की धाराऒं को रोक रखा था मैने
दिल जो कह रहा था नही कह सकता था जमाने के सामने

मैने अपने नादान दिल को समझाया
उसे दोस्तों का खुशनुमा भविष्य बताया

त्याग भी दोस्ती की ही एक पहचान है
दोस्तों की खुशी मे ही हमारी जान है





पाँचो राह आगे बढे जा रहे थे
मेरी आँखों से ओझल होते जा रहे थे

अब तो मेरी ही राह थी मेरे सामने
मेरे कदमों के पीछे आंसुओं की धार है

चला था अकेला इस राह पर
अब यादों की ढेर मेरे साथ है

इस आशीष के मन मे फिर भी
उन दोस्तों को पाने की एक आश है

    

दोस्तों मै नही जानता कि मैने जो रचना लिखी है वो किस विधा के अंतर्गत आयेगी, पर मैने जो लिखा है वो  मन से अपने दोस्तों के लिये   लिखा है. आश यही है कि आपको यह पसंद आयी होगी. किसी भी प्रकार की गलती के लिये क्षमाप्रार्थी हूँ . वैसे भी ये इस प्रकार की मेरी पहली रचना है


आशीष मिश्रा
9893200206 


धन्यवाद

                                
                                                                                   
                 

6 टिप्‍पणियां:

  1. कल (2/8/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर अवगत कराइयेगा।
    http://charchamanch.blogspot.com

    आज की आपकी पोस्ट गज़ब की है………………दोस्ती के जज़्बे को नमन्।

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  2. you have nice collections of animated friendship graphics.

    By the way, happy friendship day.

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  3. कही अनकही बातों की अदा है दोस्ती,
    हर गम की सिर्फ़ एक दवा है दोस्ती,
    सिर्फ़ कमी है महसूस करनेवालों की,
    महसूस करो तो ज़मीन पे जन्नत है दोस्ती

    क्या है यह दोस्ती का रिश्ता? दरअसल, दोस्ती को शब्दों में समझा पाना भी आसान नहीं है! फिर भी दोस्ती के सम्बन्ध में एक बार कही जा सकती है -'दोस्त तब आता है जब सारी दुनिया जा चुकी होती है।'

    इस दुनिया में पति-पत्नी, माँ-बाप सभी मिल जाते हैं परंतु हमें समझने वाला एक अच्छा दोस्त बड़ी मुश्किल से मिलता है। इस रिश्ते में दिखावे का कोई काम नहीं होता। इसे तो दिल से जिया जाता है।

    बहुत भावमयी पोस्ट !
    पढना अत्यंत सुखद लगा !
    बधाई एवं शुभ कामनाएं

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  4. बहुत सुन्दर लिखा है आपने !उम्दा प्रस्तुती!
    मित्रता दिवस की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ!

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